Breaking: उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही जानें पूरी रिपोर्ट

उत्तराखंड में बादल फटने की ताज़ा घटना ने एक बार फिर कुदरत के क्रोध का अहसास कराया है। भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से कई गांव प्रभावित हुए हैं, दर्जनों घर क्षतिग्रस्त और लोगों की जान-माल को भारी नुकसान हुआ है। जानिए पूरी रिपोर्ट, प्रभावित इलाकों की स्थिति और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी जाने पूरी जानकारी और राहत कार्यो की स्थिति

घटना की शुरुआत:

रात करीब 2 बजे अचानक आसमान में गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते बारिश इतनी तेज हो गई कि नदी-नालों में उफान आ गया। ग्रामीणों ने बताया कि “एक तेज धमाके जैसी आवाज आई, और उसके बाद पानी का सैलाब गांव में घुस आया कई घर तबाह हो गई

प्रभावित क्षेत्र

सबसे ज्यादा नुकसान उत्तरकाशी जिले के मोरी, नेलांग और बड़कोट इलाकों में हुआ है। यहाँ कई कच्चे-पक्के मकान पानी में बह गए। खेत, पुल और सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से ठप है, जिससे संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है

रेस्क्यू ऑपरेशन तेज:

मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है। राज्य सरकार ने चार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है – उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल:

घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर भयानक तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन दृश्यों में गांवों में पानी का रेला, बहते मकान और चीखते लोग दिखाई दे रहे हैं। कई नागरिक पत्रकारों ने मौके से लाइव स्ट्रीमिंग की, जिससे देशभर में इस आपदा की भयावहता सामने आई

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं:

राज्य के मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों को तत्काल राहत देने का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार ने भी हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। विपक्ष ने सरकार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में अलर्ट सिस्टम की कमी को लेकर।

निष्कर्ष:

उत्तराखंड में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं। यह केवल एक जलवायु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि इंसानी लापरवाही का भी परिणाम है। समय आ गया है कि हम पर्वतीय राज्यों में स्थायी समाधान, सुरक्षित निर्माण और सशक्त आपदा प्रबंधन की ओर कदम बढ़ाएं।

ब्रेकिंग न्यूज़ कुबेरेश्वर धाम भगदड़ में 𝟐 की मौत अन्य जख्मी: किया हैं पूरी रिपोर्ट ?

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम भगदड़ में आज एक दर्दनाक हादसा सामने आया जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई। प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा से ठीक पहले यहां भारी भगदड़ की स्थिति बन गई जिसमें दो श्रद्धालु महिलाओं की मौत हो गई जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। अन्य लोगो हालत काफी बेहद संवेदनशील हैं

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार आयोजित कांवड़ यात्रा के चलते आज कुबेरेश्वर धाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए थे। आयोजन स्थल पर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और भीड़ को नियंत्रित करने में स्थानीय प्रशासन विफल रहा।

कांवड़ यात्रा शुरू होने से ठीक पहले मुख्य प्रवेश द्वार पर भीड़ ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। कुछ महिलाएं फिसल गईं और देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हालात को संभालने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मृतक और घायलों की स्थिति

मृतक: 2 महिलाएं (पहचान जारी)

घायल: 10+ लोग

गंभीर घायल: 2 (जिला अस्पताल, सीहोर में भर्ती

दृश्य बेहद भयावह

दूर दूर से आये हुवे लोग सब अपने लाइन में अस्थान ग्रहण कर रहे हैं भीड़ जायदा होने से पीछे से ढाका मुक्की होने लगे कुछ लोग जमीं पर गिर गए जैसे ही गीते सोर होने लगे भीड़ में महिला कुचले गए और महिला को मोके पर मौत होगयी

पंडित प्रदीप मिश्रा का बयान

घटना के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने गहरा दुख जताते हुए कहा:

यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। मैं मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।

अब आगे क्या?

घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस द्वारा एक एफआईआर दर्ज की गई है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से भीड़ की गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है।

राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया है और भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए भीड़ नियंत्रण की नई गाइडलाइन तैयार करने की बात कही है।

निष्कर्ष

श्रद्धा के नाम पर जुटने वाली भीड़ जब अव्यवस्था में बदल जाती है, तो वह मौत का रूप ले लेती है। कुबेरेश्वर धाम की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है — श्रद्धा ज़रूरी है, लेकिन प्रशासनिक सतर्कता उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी

प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार मामले में उम्र कैद: कोर्ट का बड़ा फैसला

कर्नाटक के सांसदों और विधायको विशेष अदालत ने अहम फैसला दिए जिसमे हासन से पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार मामले कोर्ट ने उम्र कैद का सजा सुनाया हैं आइये जानते हैं किया हैं पूरा मामला

प्रज्वल रेवन्ना रेप केस

पिछले साल प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न के चार मामले दर्ज कराये जिसमे अभी तक एक मामले शुकवार सुनवाई की गई जिसमे एक विशेष वर्ग के अदालत ने दोषी साबित हुआ प्रज्वल रेवन्ना के घर में काम करने वाली 48 वर्षीय महिला के माध्यम से लगाये गये आरोपो में दोषी ठहराया गया हैं

महिला पुलिस अधिकारियों अपने टीम के साथ पूछ ताछ के लिए केआर नगर पहुंची एक फार्म हाउस पर केस करने वाली जिससे बचाया जा सके

कर्नाटक सांसद बलात्कार मामला

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पहली FIR 28 अप्रैल को एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज़ कराया गया था अब वह परिवार अपना घर छोड़ चूका हैं नजदीक के गांव पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रज्वल रेवन्ना रेप मामला दर्ज करवाया था

कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना।

आरोप: महिला के साथ बलात्कार और वीडियो रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करने का आरोप।

फैसला: कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई।

मुआवजा: कोर्ट ने पीड़िता को ₹11.25 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।

प्रतिक्रिया: यह फैसला महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

राजनीतिक असर: जेडीएस पार्टी और राज्य की राजनीति में हलचल।

Bihar votar list Update ;SIR के बाद Election commission का बड़ा अपडेट जानिए पूरा ख़बर

Bihar votar list;

बिहार वोटर लिस्ट जारी कर दिया गया हैं उसे राजनीतिक दलों को बाटने की प्रक्रिया चालू कर दिया हैं बिहार की सभी 38 जिलों में कलेक्टर वोटर ड्राफ्ट दे रहे हैं बिहार कुल 243 सीटों के 90,817 पोलिंग बूथ वोटर लिस्ट ड्राफ्ट इलेक्शन कमीशन ने तैयार किया गया हैं आप को बताये की राजनीतिक दलों में भी बहुत राजनीतिक हुई हैं

SIR;

बिहार वासीओ जिस वक़्त का इन्तिज़ार आखिर कार आहि चूका हैं SIR ड्राफ्ट लिस्ट आपने नाम देखने के लिए Election commission के साइट पर जाके SIR को लॉक करेंगे फिर votar पोर्टल सर्विस लॉगिन करेंगे votars.eci.gov.in/dwonload-?statecode=s04 on पेज करके जिसका जो जिला डालने के बाद फिर बिधानसभा एक रोल टाइप सेक्शन आएगा उसमे आपको SIR ड्राफ्ट 2025 को सलेक्ट करेंगे उसके बाद पार्ट्स संख्या आएगा सलेक्ट करेंगे उसके बाद पूरा का पूरा वोटर का नाम आजायेगा और असानी से अपना नाम ढूंढ पाइयेगाराजनीतिक दलों और बिहार के नागरिक इसका बिरोध पर्दशन किया जा रहा हैं इससे यह साफ पता चलता हैं की वोटो अधिकार छिना जा रहा हैं दिल्ली और बिहार में जोरो सौर से बिरुद्ध होने लगा हैं

Election Commission;

इलेक्शन कमीशन 3 बजे वोटर लिस्ट uplode कर दिया हैं ऐसे में माना जा रहा हैं किसी एक पार्टी समर्थन किया जरा रहा हैं इलेक्शन कमीशन द्वारा

विशेषताजानकारी
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फ़ाइल सबमिट की गईशुक्रवार, 01 अगस्त 2025
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जारी करने की तिथिशुक्रवार, 01 अगस्त 2025

भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट: करुण नायर की जुझारू अर्धशतक पारी ने भारत को संकट से उबारा, इंग्लैंड की गेंदबाज़ी और मौसम दोनों ने बढ़ाई चुनौती

भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे टेस्ट सीरीज़ के पांचवें मुकाबले का पहला दिन पूरी तरह से गेंदबाज़ों और मौसम के नाम रहा। द ओवल की हरी-भरी पिच बादलों से घिरा आसमान तेज़ गेंदबाज़ों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ लेकर आया, फिर भी भारत ने 204/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें करुण नायर की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी प्रमुख रही (52*) सबसे बड़ा योगदान रही। ________________________________________ स्कोरकार्ड संक्षेप में: • भारत: 204/6 (करुण नायर 52*, वॉशिंगटन सुंदर 19*) • इंग्लैंड गेंदबाज़: जोश टंग 2/47, गस एटकिन्सन 2/31 • ओवर खेले गए: केवल 64 (बारिश से बाधित दिन) ________________________________________ भारत की टॉस पर बदकिस्मती जारी, लेकिन संघर्ष में दिखी ताकत भारतीय टीम लगातार 15वीं बार टॉस हार गई। आंकड़ों के मुताबिक इसकी संभावना 32,728 में 1 है — यानी शायद शुबमन गिल के लिए सिक्का उसकी मर्ज़ी से गिराना अब “यूनिकॉर्न” खोजने जितना दुर्लभ हो गया है। लेकिन इस टॉस हार को भारत ने ज़िम्मेदारी और धैर्य से झेला। 8 मिमी घास वाली पिच और बादल से भरे आसमान ने इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों को पूरी मदद दी। दोपहर की बारिश ने उन्हें न सिर्फ तरोताज़ा बनाए रखा, बल्कि ओवरहेड कंडीशन भी स्विंग और सीम के लिए परफेक्ट रहीं। ________________________________________ इंग्लैंड की गेंदबाज़ी – शानदार शुरुआत, लेकिन नियंत्रण में कमी जोश टंग और गस एटकिन्सन ने शुरुआती विकेट दिलाकर भारत को दबाव में डाला, लेकिन इंग्लैंड की सबसे बड़ी कमजोरी रही – अनुशासन की कमी। पूरे दिन में 30 अतिरिक्त रन (एक ओवर में ही 11 वाइड्स) देना भारत के लिए राहत भरा रहा। टंग ने अपने पहले ओवर में 11 रन वाइड के दिए, जिससे इंग्लैंड की शुरुआत लड़खड़ा गई। 101/3 से 123/5 तक गिरा दिया, लेकिन लाइन-लेंथ पर गेंदबाज़ी नहीं कर पाए। उनकी गेंदबाज़ी कभी ‘फिल्थ’ (बेकार) थी तो कभी ‘जाफ़ा’ (असाधारण)। ________________________________________ करुण नायर की वापसी – 3149 दिनों बाद टेस्ट अर्धशतक करुण नायर के लिए यह पारी सिर्फ रन नहीं थी — यह एक सपना था, जो उन्होंने 3149 दिनों तक देखा। 2016 में तिहरा शतक लगाने के बाद वह टेस्ट टीम से बाहर रहे, लेकिन इस पारी में उन्होंने संयम और आत्मविश्वास दिखाया। जब भारत की पारी बिखरने को थी, तब उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर (19*) के साथ मिलकर भारत को स्थिरता दी। करुण की यह पारी न सिर्फ टीम को बचा रही है, बल्कि शायद उन्हें स्थायी रूप से टेस्ट प्लेइंग इलेवन में जगह दिलाने की ओर भी एक कदम है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला: भारतीय निर्यात परl 25% शुल्क, बाजार में मचा हड़कंप

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ (शुल्क) लगाने की घोषणा के बाद भारतीय वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल देखी गई। इस फैसलेसे न केवल रुपया कमजोर हुआ बल्कि शेयर बाजार में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच चिंता का माहौल है और भारतीय निर्यात उद्योग पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बाजार की प्रतिक्रिया सोमवार को जैसे ही ट्रंप की घोषणा सामने आई, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में गिरावट का दौर शुरू हो गया। सेंसेक्स करीब 700 अंकों तकगिर गया, जबकि निफ्टी 200 अंकों से अधिक फिसल गया। विदेशी निवेशकों ने तेजी से पूंजी निकासी शुरू की, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। रुपया भी कमजोर रुपये में भी तेज गिरावट देखी गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 60 पैसे से ज्यादा कमजोर होकर 83.90 के आसपास पहुँच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका द्वारालगाए गए शुल्क लंबे समय तक बने रहे, तो भारतीय रुपया और ज्यादा दबाव में आ सकता है। ट्रंप का बयान डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “भारत लंबे समय से अमेरिका का फायदा उठा रहा है। अब वक्त आ गया है कि उनके निर्यात पर शुल्क लगाया जाए।25% टैरिफ भारतीय कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है।” इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी गई। भारतीय उद्योग पर प्रभाव भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात में वस्त्र, फार्मास्युटिकल्स, ऑटो पार्ट्स और आईटी सर्विसेज़ शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस टैरिफ से इन क्षेत्रों में बड़ा आर्थिक नुकसान होसकता है। टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव की आशंका है। सरकार की प्रतिक्रिया भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्य मंत्रालय इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है और जल्दही अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। निष्कर्ष ट्रंप के इस फैसले ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव को बढ़ा दिया है। यदि यह नीति आगे भी जारी रहती है, तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूपसे पड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि भारत इस चुनौती का किस तरह से जवाब देता है और अपने निर्यातकों को राहत कैसे प्रदान करता है।

डिंपल यादव पर टिप्पणी से मचा राजनीतिक विवाद

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादव पर एक मुस्लिम धर्मगुरु द्वारा की गई विवादित टिप्पणी ने देश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दियाहै। इस बयान के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।भाजपा ने इस टिप्पणी को न केवल व्यक्तिगत अपमान बताया, बल्कि इसे समूची भारतीय नारी शक्ति और लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया है। संसद के मानसून सत्र में इस मुद्देको जोरशोर से उठाया गया और विपक्ष की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए गए। क्या कहा गया था धर्मगुरु द्वारा? मुस्लिम धर्मगुरु का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने डिंपल यादव के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील भाषा का प्रयोग किया। बयान में धार्मिक और राजनीतिक भावनाओंको आहत करने वाले कई ऐसे शब्द थे जिन्हें लेकर न केवल राजनीतिक गलियारों में, बल्कि आम जनता में भी रोष फैल गया। भाजपा सांसदों का विरोध भाजपा के कई सांसदों ने इस बयान को “महिलाओं के खिलाफ मानसिकता” का उदाहरण बताया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में इस विषय को उठाते हुए कहा,“डिंपल यादव किसी भी पार्टी से हों, वह एक महिला हैं, और उनका इस तरह से अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय है। हम इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक नहीं, सामाजिक दृष्टि से देख रहे हैं।” संसद भवन के बाहर भाजपा महिला मोर्चा और अन्य सांसदों ने पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। ‘महिलाओं का सम्मान, भारत की पहचान’ जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया गया। समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया? हालांकि सपा की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जिससे भाजपा ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि जब महिला सम्मान कीबात होती है, तो विपक्ष दोहरा रवैया अपनाता है। सोशल मीडिया पर समर्थन इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForDimpleYadav और #RespectWomen जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि राजनीति में भी अबव्यक्तिगत मर्यादा और महिला सम्मान को दरकिनार किया जा रहा है। निष्कर्ष डिंपल यादव पर विवादित टिप्पणी ने देशभर में महिला सुरक्षा, सम्मान और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। भाजपा ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाकरमहिला सशक्तिकरण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। अब देखना यह है कि सरकार और विपक्ष इस विवाद पर क्या कदम उठाते हैं।

अंसारुल्लाह ने शुरू किया ‘चौथा चरण’, ग़ज़ा में भुखमरी से हालात बेहद गंभीर – दिन 660 की रिपोर्ट

दिन 660: अंसारुल्लाह ने इज़राइल के खिलाफ ‘चौथे चरण’ की घोषणा की। ग़ज़ा में भुखमरी और मानवीय संकट गंभीर स्तर पर, महिलाओं व बच्चों की स्थिति बेहद चिंताजनक।


ग़ज़ा/सना, 28 जुलाई 2025इज़राइल-फ़िलिस्तीन युद्ध के 660वें दिन पर हालात और भी भयावह हो चुके हैं। यमन स्थित सशस्त्र संगठन अंसारुल्लाह ने इज़राइल के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को अब ‘चौथे चरण’ में प्रवेश देने की घोषणा कर दी है। यह निर्णय ग़ज़ा में जारी भुखमरी, नाकेबंदी और आम नागरिकों के बढ़ते जनसंहार के जवाब में लिया गया है।

ग़ज़ा में भुखमरी: हालात भयावह स्तर पर

ग़ज़ा में भुखमरी अब केवल मानवीय संकट नहीं, बल्कि एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रही है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इलाके में 59,733 लोग मारे गए हैं और 144,477 घायल हुए हैं। इनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं, जो सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

ग़ज़ा के अस्पतालों में बिजली, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी है। लोग पीने के पानी और खाने के लिए तरस रहे हैं। बच्चों के लिए दूध पाउडर और बुनियादी खाद्य सामग्री की आपूर्ति लगभग बंद है। सीमित हवाई राहत वितरण को स्थानीय प्रशासन ने “नाटकीय ढोंग” करार दिया है।

अंसारुल्लाह का ‘चौथा चरण’: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर

अंसारुल्लाह (हूथी) ने चेतावनी दी है कि उनका ‘चौथा चरण’ पहले से अधिक सटीक और दूर तक मार करने वाले मिसाइलों और ड्रोन हमलों पर आधारित होगा। इस चरण में उनकी प्राथमिकता इज़राइली सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना है।

उनका कहना है कि जब तक ग़ज़ा में महिलाओं और बच्चों का खून बहता रहेगा और जब तक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक प्रतिरोध जारी रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय चुप्पी और असहायता

दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने ग़ज़ा की स्थिति को लेकर चिंता जताई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग़ज़ा के लोग 660 दिनों से भूख, मौत और तबाही के बीच फंसे हुए हैं, और वैश्विक समुदाय केवल बयानबाज़ी तक सीमित है।

दिन 660: एक और भयावह पड़ाव

दिन 660 एक और दुखद पड़ाव बन गया है। इस दिन ने यह साफ कर दिया है कि अगर कोई बड़ा राजनैतिक और मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता, तो यह युद्ध और भी लंबा और विनाशकारी होगा। अंसारुल्लाह का ‘चौथा चरण’ इस संघर्ष को एक नए मोड़ पर ले जा सकता है।

नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात

मुख्यमंत्री

नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात – कांग्रेस के नेतृत्व में प्रगति का नया युग 2025 आज नई दिल्ली में तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात अत्यंत सुखद और प्रेरणादायक रही। यह केवल एक राजनीतिक भेंट नहीं थी, बल्कि यह उस परिवर्तनशील भारत की झलक भी थी, जिसे कांग्रेस पार्टी की दूरदर्शी नीतियाँ आकार दे रही हैं। तेलंगाना और कर्नाटक – दो महत्वपूर्ण राज्य – आज कांग्रेस के नेतृत्व में देश के विकास मॉडल का नया मानक स्थापित कर रहे हैं। कांग्रेस की गारंटियाँ – वादे नहीं, जिम्मेदारी तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित छह गारंटियाँ अब सिर्फ घोषणाएँ नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत बन चुकी हैं। महिला सम्मान योजना, गृहलक्ष्मी स्कीम, रायथु ऋण माफी, बेरोजगारी भत्ता, 24×7 बिजली – ये सभी योजनाएं समाज के हर वर्ग तक राहत पहुंचा रही हैं। कर्नाटक में भी कांग्रेस सरकार की गारंटियाँ – जैसे कि गृह ज्योति, अन्न भाग्य, शक्ति योजना (महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा) – आम लोगों की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव ला रही हैं। रिकॉर्ड-तोड़ विकास – कांग्रेस के विज़न का परिणाम तेलंगाना और कर्नाटक आज निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्य बन गए हैं। स्टार्टअप्स, डिजिटल इनोवेशन, कृषि सुधार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हो रही तरक्की यह साबित करती है कि कांग्रेस न केवल वादे करती है, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी लाती है। तेलंगाना में उद्योगों को बढ़ावा, कृषि को समर्थन, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे कदमों ने राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया है। जन-केंद्रित शासन – असली लोकतंत्र की भावना कांग्रेस की सरकारें जनता को शासन का केंद्र मानती हैं। पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता – ये तीन स्तंभ कांग्रेस के प्रशासनिक मॉडल का मूल हैं। मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी का नेतृत्व इसी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है। हर वर्ग की भागीदारी, खासकर महिलाओं, किसानों, युवाओं और कमजोर वर्गों की आवाज़ को शासन में शामिल करना ही कांग्रेस का उद्देश्य है। निष्कर्ष: नया भारत, नया युग आज जब देश के कई हिस्सों में शासन केवल प्रचार और इवेंट्स तक सीमित रह गया है, वहीं कांग्रेस नेतृत्व में तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य असली विकास का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यह एक नई शुरुआत है – जहां सरकारें जनता के लिए और जनता के साथ काम कर रही हैं।

भारत-यूके विज़न 2035: भविष्य की साझेदारी के लिए नया खाका

आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री कीयर स्टार्मर द्वारा संयुक्त रूप से ‘भारत-यूके विज़न 2035’ की घोषणा की गई। यह ऐतिहासिक दस्तावेज़ आने वाले वर्षों के लिए भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच संबंधों को एक नई दिशा देने वाला है। यह विज़न न केवल दोनों देशों की साझेदारी को और मज़बूत करेगा, बल्कि इसे भविष्य के लिए तैयार भी करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह विज़न दस्तावेज़ हमारी ‘कम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में नई ऊर्जा और महत्वाकांक्षा का संचार करता है। यह दस्तावेज़ दोनों देशों के बीच सहयोग के हर क्षेत्र को छूता है—व्यापार, तकनीक, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, नवाचार और संस्कृति से लेकर जन-जन के आपसी संपर्क तक। मुख्य बिंदु: आर्थिक सहयोग: भारत और यूके के बीच व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा। तकनीकी और डिजिटल साझेदारी: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग, और 5G/6G टेक्नोलॉजी में सहयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। रक्षा और रणनीतिक संबंध: रक्षा उत्पादन, संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को गहराने पर सहमति बनी है। शिक्षा और कौशल विकास: छात्रों और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने, विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग, और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में साझेदारी को प्राथमिकता दी गई है। जलवायु परिवर्तन और सतत विकास: दोनों देशों ने ग्रीन एनर्जी, जलवायु अनुकूल तकनीक और कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए संयुक्त कदम उठाने पर सहमति जताई है। दोनों प्रधानमंत्रियों की साझा सोच: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विज़न को “21वीं सदी के लिए भारत-ब्रिटेन संबंधों का रोडमैप” बताया, जबकि प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने कहा कि यह दस्तावेज़ “हमारी दोस्ती की नई शुरुआत और साझेदारी को और गहराई देने का माध्यम है।” यह विज़न दोनों देशों के लोगों के लिए प्रत्यक्ष लाभ लाने का उद्देश्य रखता है — चाहे वह नौकरियों के नए अवसर हों, शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग, या जलवायु संकट से मिलकर निपटने की रणनीति। निष्कर्ष: भारत-यूके विज़न 2035 केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण है जो अगले दशक के लिए दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत नींव प्रदान करता है। यह कदम वैश्विक मंच पर भी दोनों देशों की भूमिका को और प्रभावशाली बनाएगा, और दो महान लोकतंत्रों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।