NEET छात्रा कांड को लेकर बिहार में सियासी भूचाल। पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल, क्या किसी बड़े नेता को बचाने की कोशिश हुई? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
NEET छात्रा कांड ने बिहार की राजनीति को क्यों हिला दिया?
बिहार में NEET छात्रा कांड को लेकर लगातार नए खुलासे और सवाल सामने आ रहे हैं। इस मामले ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि राज्य की राजनीति को भी झकझोर कर रख दिया है। इसी बीच पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई “बड़ी मछली” छिपी हुई है।
सत्ता में बदलाव के बाद कार्रवाई पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नितीश कुमार के सत्ता में आने के कुछ ही समय बाद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया जाना महज संयोग नहीं है। आलोचकों का मानना है कि जिस नेता ने लगातार संवेदनशील मामलों में आवाज़ बुलंद की, उसी को अचानक कानून के शिकंजे में लेना कई सवाल खड़े करता है।http://neet-chatra-kand-pappu-yadav-giraftari-bihar
जहानाबाद कांड और पप्पू यादव की सक्रिय भूमिका
जहानाबाद की एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए पप्पू यादव ने खुलकर संघर्ष किया था। समर्थकों का दावा है कि इस मामले में सत्ता से जुड़े एक बड़े नेता के पुत्र का नाम सामने आ सकता था। यही वजह मानी जा रही है कि सत्ता प्रतिष्ठान में बेचैनी बढ़ गई।
जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप
इस पूरे माइस पूरे मामले में जांच एजेंसियों और पुलिस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
आरोप हैं कि:
एसआईटी ने मामले को कमजोर करने की कोशिश की
बिहार पुलिस द्वारा फाइल बंद करने का प्रयास हुआ
बिहार पुलिस द्वारा फाइल बंद करने का प्रयास हुआ
पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए
कहा जा रहा है कि जब तक पप्पू यादव साथ में थे, पीड़ित परिवार खुद को अकेला महसूस नहीं कर रहा था।
NEET छात्रा कांड में “बड़ी मछली” की आशंका
अब यह बात धीरे-धीरे साफ होती जा रही है कि NEET छात्रा कांड में कोई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हो सकता है। यही कारण बताया जा रहा है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी कर इस मामले में उठने वाली आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई।
कुछ लोग इस मामले की तुलना मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से भी कर रहे हैं, जहां लंबे समय तक जांच के बावजूद कई सवाल अनसुलझे रह गए थे।
क्या न्याय व्यवस्था से मिलेगा इंसाफ?
पप्पू यादव के समर्थकों का कहना है कि:
घटनास्थल से जुड़े पर्याप्त सबूत और फुटेज मौजूद हैं
सच्चाई को ज्यादा समय तक दबाया नहीं जा सकता
न्यायालय, संविधान और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है
उनका दावा है कि यह लड़ाई अंत तक लड़ी जाएगी और दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश जारी रहेगी।
सवाल अभी बाकी हैं
NEET छात्रा कांड और पप्पू यादव की गिरफ्तारी अब केवल एक कानूनी या राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है। यह मामला न्याय, सत्ता और जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा सवाल बन चुका है।
सच्चाई क्या है, इसका फैसला जांच एजेंसियां और अदालतें ही करेंगी, लेकिन फिलहाल जनता के सवाल थमते नजर नहीं आ रहे।




