
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ (शुल्क) लगाने की घोषणा के बाद भारतीय वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल देखी गई। इस फैसलेसे न केवल रुपया कमजोर हुआ बल्कि शेयर बाजार में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच चिंता का माहौल है और भारतीय निर्यात उद्योग पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बाजार की प्रतिक्रिया सोमवार को जैसे ही ट्रंप की घोषणा सामने आई, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में गिरावट का दौर शुरू हो गया। सेंसेक्स करीब 700 अंकों तकगिर गया, जबकि निफ्टी 200 अंकों से अधिक फिसल गया। विदेशी निवेशकों ने तेजी से पूंजी निकासी शुरू की, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। रुपया भी कमजोर रुपये में भी तेज गिरावट देखी गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 60 पैसे से ज्यादा कमजोर होकर 83.90 के आसपास पहुँच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका द्वारालगाए गए शुल्क लंबे समय तक बने रहे, तो भारतीय रुपया और ज्यादा दबाव में आ सकता है। ट्रंप का बयान डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “भारत लंबे समय से अमेरिका का फायदा उठा रहा है। अब वक्त आ गया है कि उनके निर्यात पर शुल्क लगाया जाए।25% टैरिफ भारतीय कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है।” इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी गई। भारतीय उद्योग पर प्रभाव भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात में वस्त्र, फार्मास्युटिकल्स, ऑटो पार्ट्स और आईटी सर्विसेज़ शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस टैरिफ से इन क्षेत्रों में बड़ा आर्थिक नुकसान होसकता है। टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव की आशंका है। सरकार की प्रतिक्रिया भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्य मंत्रालय इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है और जल्दही अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। निष्कर्ष ट्रंप के इस फैसले ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव को बढ़ा दिया है। यदि यह नीति आगे भी जारी रहती है, तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूपसे पड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि भारत इस चुनौती का किस तरह से जवाब देता है और अपने निर्यातकों को राहत कैसे प्रदान करता है।