पुतिन का ट्रंप से गर्मजोशी भरा स्वागत, यूक्रेन की कड़ी प्रतिक्रिया: क्या दुनिया तर्कहीन हो रही है?”

अलास्का में ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन में लाल कालीन और हैंडशेक ने यूक्रेन को नाराज़ किया। जानिए क्यों इस बैठक पर उठे सव

परिचय: ट्रंप-पुतिन मुलाकात और दुनिया की प्रतिक्रिया

अलास्का में आयोजित ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया। इस बैठक के दौरान अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी भरा स्वागत किया। लाल कालीन, ताली बजाकर अभिवादन और एक दोस्ताना हैंडशेक ने इस मुलाकात को खास बना दिया। लेकिन यही दृश्य यूक्रेन और उसके समर्थकों के लिए एक चुभने वाला पल साबित हुआ।

कई विशेषज्ञों और आम लोगों ने सवाल उठाया कि एक ऐसे नेता को, जिस पर युद्ध अपराधों के आरोप हैं और जो लाखों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जाता है, उसे इतनी शानो-शौकत से क्यों स्वागत किया गया?

 ट्रंप-पुतिन
putin and trump

अलास्का में शिखर सम्मेलन: एक दिखावटी जीत?

शुक्रवार की रात यूक्रेनी लोग इस चिंता के साथ सोए कि कहीं यह मुलाकात यूक्रेन युद्ध को लेकर किसी बड़े समझौते में न बदल जाए। लेकिन शनिवार सुबह उन्हें राहत मिली कि बैठक किसी बड़े राजनीतिक या रणनीतिक समझौते के बिना ही समाप्त हो गई।

हालांकि, भले ही कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, पर “ऑप्टिक्स” यानी मुलाकात का दृश्य और माहौल चर्चा का विषय बन गया। अमेरिकी सैनिकों द्वारा बिछाया गया लाल कालीन, ट्रंप का पुतिन को गले लगाना और कार में अकेले बैठकर बातचीत करना—ये सब संकेत दुनिया को एक अलग ही तस्वीर दिखा रहे थे।https://indiacentralnews.com/wp-content/uploads/2025/08/putin-and-trump-scaled.avif


यूक्रेन की नाराज़गी और जनता की आवाज़

यूक्रेन में इस दृश्य ने लोगों के दिलों को चोट पहुंचाई। कीव की 40 वर्षीय वकील मारिया द्राचोवा ने कहा:
“अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में औपचारिकता आम है, लेकिन यह लाल कालीन और सम्मान एक ऐसे व्यक्ति के लिए था जो लाखों मौतों का जिम्मेदार है। दुनिया तर्कहीन व्यवहार कर रही है।”

यही नहीं, कई यूक्रेनी नागरिकों ने कहा कि इस तरह का स्वागत पुतिन की वैधता को बढ़ावा देता है। ओलेक्सांद्र कोवालेंको, एक लेखक और राजनीतिक विश्लेषक, ने कहा:
“यह एक युद्ध अपराधी की इमेज को सामान्य बनाने जैसा है। इस स्तर की शानो-शौकत की कोई जरूरत नहीं थी। बैठक सादगी से होनी चाहिए थी।Contact

पुतिन की मुस्कान और यूक्रेन का दर्द

सबसे ज्यादा चुभने वाली बात थी पुतिन का व्यवहार। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह नागरिकों की हत्या रोकेंगे, तो उन्होंने हल्की मुस्कान दी और कान पर हाथ रखकर ऐसा दिखाया जैसे उन्होंने सुना ही नहीं।

यूक्रेनी नागरिक सेर्ही ऑर्लिक, जिन्होंने दो बार अपना घर खोया है, कहते हैं:
“मैंने यह दृश्य देखा तो मैं टूट गया। मैंने रिश्तेदार खोए हैं। प्रोटोकॉल जरूरी हो सकता है, लेकिन यह बहुत अप्रिय था—खासकर पुतिन की मुस्कान।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस और कूटनीतिक संदेश

बैठक के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी चर्चा में रही। ट्रंप ने पुतिन को पहले बोलने दिया, और पुतिन ने आठ मिनट तक अपनी बात रखी। उन्होंने युद्ध की शुरुआत पर एक शब्द भी नहीं कहा। इसके विपरीत, ट्रंप बहुत ही संक्षेप में बोले और निराश दिखे।

रूस विशेषज्ञ कियर गाइल्स ने कहा:
“पुतिन के लिए यह शिखर सम्मेलन उतरने से पहले ही जीत थी। उन्हें ऐसे सम्मानित किया गया जैसे वह एक सामान्य राष्ट्राध्यक्ष हों, जबकि वह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित युद्ध अपराधी हैं।”

यूरोप और अमेरिका की रणनीति पर सवाल

यूरोपीय नेता इस तरह का कदम नहीं उठाते। वे इस घटना से और सतर्क हो जाएंगे कि पुतिन की मांगों को मान्यता न दी जाए। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भी कहा कि यूरोपीय नेताओं को हर स्तर पर सक्रिय रहना होगा।

ज़ेलेंस्की अगले हफ्ते वॉशिंगटन जा रहे हैं, जहां वह शांति की दिशा में ऐसा रास्ता तलाशने की कोशिश करेंगे जिसमें रूस की आक्रामक मांगों के आगे झुकना न पड़े।

क्या यह ट्रंप की रणनीति है या मनमानी?

ओलेक्सांद्र कोवालेंको का मानना है:
“शायद यह सब पुतिन को खुश करके कोई बड़ी रणनीति लागू करने की कोशिश है। लेकिन मुझे शक है। यह शायद ट्रंप की मनमानी है, बिना किसी ठोस योजना के।”

लाल कालीन के पीछे की राजनीति

ट्रंपपुतिन मुलाकात में कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, लेकिन इस शिखर सम्मेलन ने वैश्विक राजनीति में बहस जरूर पैदा कर दी। क्या यह मुलाकात पुतिन की इमेज को सुधारने का एक प्रयास थी? या यह सिर्फ दिखावा था?

एक बात साफ है कि यूक्रेन और उसके समर्थकों के लिए यह दृश्य बहुत ही दर्दनाक था। दुनिया को यह सोचना होगा कि तर्क और न्याय के पैमानों पर राजनीति कितनी संवेदनशील हो रही है।

Leave a comment