Breaking: उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही जानें पूरी रिपोर्ट

उत्तराखंड में बादल फटने की ताज़ा घटना ने एक बार फिर कुदरत के क्रोध का अहसास कराया है। भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से कई गांव प्रभावित हुए हैं, दर्जनों घर क्षतिग्रस्त और लोगों की जान-माल को भारी नुकसान हुआ है। जानिए पूरी रिपोर्ट, प्रभावित इलाकों की स्थिति और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी जाने पूरी जानकारी और राहत कार्यो की स्थिति

घटना की शुरुआत:

रात करीब 2 बजे अचानक आसमान में गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते बारिश इतनी तेज हो गई कि नदी-नालों में उफान आ गया। ग्रामीणों ने बताया कि “एक तेज धमाके जैसी आवाज आई, और उसके बाद पानी का सैलाब गांव में घुस आया कई घर तबाह हो गई

प्रभावित क्षेत्र

सबसे ज्यादा नुकसान उत्तरकाशी जिले के मोरी, नेलांग और बड़कोट इलाकों में हुआ है। यहाँ कई कच्चे-पक्के मकान पानी में बह गए। खेत, पुल और सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से ठप है, जिससे संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है

रेस्क्यू ऑपरेशन तेज:

मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है। राज्य सरकार ने चार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है – उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल:

घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर भयानक तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन दृश्यों में गांवों में पानी का रेला, बहते मकान और चीखते लोग दिखाई दे रहे हैं। कई नागरिक पत्रकारों ने मौके से लाइव स्ट्रीमिंग की, जिससे देशभर में इस आपदा की भयावहता सामने आई

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं:

राज्य के मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए प्रभावितों को तत्काल राहत देने का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार ने भी हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। विपक्ष ने सरकार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में अलर्ट सिस्टम की कमी को लेकर।

निष्कर्ष:

उत्तराखंड में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं। यह केवल एक जलवायु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि इंसानी लापरवाही का भी परिणाम है। समय आ गया है कि हम पर्वतीय राज्यों में स्थायी समाधान, सुरक्षित निर्माण और सशक्त आपदा प्रबंधन की ओर कदम बढ़ाएं।

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